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Monday, August 15, 2016

सामान्य वचन - तिर्यक वचन


ഒരു വാട്സ് ആപ് ഗ്രൂപ്പില്‍ കണ്ട ചര്‍ച്ചയില്‍ നിന്നും ഹിന്ദിയില്‍ നാമങ്ങള്‍ "ओं' എന്നവസാനിക്കുന്നതാണ് ബഹുവചനം എന്ന ധാരണ മിക്ക കുട്ടികളിലും ഒരു ന്യൂനപക്ഷം അധ്യാപകരിലും ഉണ്ട് എന്ന് മനസ്സിലാകുന്നു. ഈ പോസ്റ്റ് ഒരു വിശദീകരണമാകുമെന്ന് വിശ്വസിക്കുന്നു

हिंदी में दो प्रकार के वचन हैं
1. सामान्य वचन - Simple Number 
2. तिर्यक वचन - Oblique Number  
सामान्य वचन के अंतर्गत एक शब्द के एकवचन और बहुवचन आते हैं, उसके साथ कोई कारक प्रत्यय नहीं आता। सामान्य वचन, that is, simply the plural or singular of the word, when the word doesn't have a casal suffix on it. വാക്കുകളുടെ ഏകവചന-ബഹുവചന രൂപങ്ങള്‍ സാമാന്യവചനം എന്ന വിഭാഗത്തില്‍ വരുന്നു. 
उदा. 
लड़का लड़का [सामान्य एकवचन]
लड़के [सामान्य बहुवचन]

Thursday, January 23, 2014

आसरा 10 (23-01-2014) एक प्रसन्टेशन

കാസര്‍ഗോഡ് ഗവ.വി.എച്ച്.എസ്.എസ്. ഫോര്‍ ഗേള്‍സിലെ ഹിന്ദി അദ്ധ്യാപകന്‍ ശ്രീ ഗണേശന്‍ കോലിയാട്ട് തയ്യാറാക്കി അയച്ച പ്രസന്റേഷനാണ് ഇന്നത്തെ आसरा യിലുള്ളത്. ഹിന്ദി ബ്ലോഗിന്റെ ഏറ്റവും അടുത്ത സുഹൃത്തുക്കളിലെരാളായ ഗണേശന്‍ മാഷ് നിരന്തരം മെച്ചപ്പെടാന്‍ പരിശ്രമിക്കുന്ന അദ്ധ്യാപകനാണ്. ഇപ്പോള്‍ വിവരസാങ്കേതിക വിദ്യയിലും ഒരു കൈ നോക്കാന്‍ അദ്ദേഹം നടത്തുന്ന ഈ ശ്രമം അതിന്റെ തെളിവാണ്.സ്വതന്ത്ര സോഫ്റ്റ് വെയറില്‍ വിശ്വസിക്കുന്ന അദ്ദേഹം ഓപ്പണോഫീസ് പ്രസന്റേഷനില്‍ തയ്യാറാക്കിയ ഈ പ്രസന്റേഷന്‍ വിന്‍ഡേോസില്‍ പ്രവര്‍ത്തിക്കില്ല. ഈ പ്രസന്റേഷന്റെ ഉപയോഗത്തില്‍ അതില്‍ നല്കിയിട്ടുള്ള അനിമേഷനുകള്‍ക്ക് പ്രത്യേകപ്രാധാന്യമുള്ളതിനാല്‍ പി.ഡി.എഫ്.ആയി നല്കുന്നത് ഉചിതവുമാവില്ല.അതിനാല്‍ ഓപ്പണോഫീസ് പ്രസന്റേഷന്‍ രൂപം തന്നെ ഡൗണ്‍ലോഡ് ചെയ്യാനായി നല്കുന്നു. ഇതിനെ മെച്ചപ്പെടുത്താനായി പുതിയ ആശയങ്ങള്‍ തോന്നുന്നവര്‍ക്ക് അത് ചെയ്യാന്‍ പൂര്‍ണ്ണ അനുവാദമുണ്ടായിരിക്കും.അങ്ങനെ മെച്ചപ്പെടുത്തിയവയും ആശയങ്ങളും പങ്കുവെയ്ക്കക. ഒന്നിച്ച് നമുക്ക് മികവിലേക്ക് മുന്നേറാം‍!

Downloads:

Monday, October 21, 2013

इसलिए-क्योंकि: दोनों योजक एक ही संदर्भ में


तैयारी:
 रवि. एम.,
 सरकारी हायर सेकंडरी स्कूल
 कडन्नप्पल्लि, कण्णूर
രവിമാഷ് ഏകദേശം ഒരു മാസത്തിനു മുന്‍പ് തയ്യാറാക്കി അയച്ച പോസ്റ്റാണിത്. മറ്റ് പോസ്റ്റുകള്‍ക്കിടയില്‍ പെട്ട് ശ്രദ്ധിക്കപ്പെടാതെ പോകരുത് എന്ന വിചാരത്തോടെ പിന്നീട് പ്രസിദ്ധീകരിക്കാനായി മാറ്റിവച്ചു. വിവിധ പാഠഭാഗങ്ങളുടെ പ്രസിദ്ധീകരണത്തിരക്കില്‍ പിന്നീടത് ഓര്‍മ്മയില്‍ നിന്ന് വിട്ടു പോകുകയും ചെയ്തു. इसलिए , क्योंकि എന്നീ രണ്ട്  योजक ഒരേ സന്ദര്‍ഭത്തില്‍ പ്രയോഗിക്കുന്നതുമായി ബന്ധപ്പട്ട് ,ധാരാളം ഉദാഹരങ്ങളുടെ സഹായത്തോടെ തയ്യാറാക്കിയിട്ടുള്ള ഈ പോസ്റ്റ്  അദ്ധ്യാപകര്‍ക്കും വിദ്യാര്‍ത്ഥികള്‍ക്കും തീര്‍ച്ചയായും പ്രയോജനം ചെയ്യും. വൈകിയതില്‍ ക്ഷമചോദിച്ചു കൊണ്ട് പോസ്റ്റ് നിങ്ങള്‍ക്കായി സമര്‍പ്പിക്കുന്നു.

1. मैं सो नहीं सका। बाहर बड़ा शोर था।
मैं सो नहीं सका क्योंकि बाहर बड़ा शोर था।
बाहर बड़ा शोर था इसलिए मैं सो नहीं सका।

2. आज परीक्षा है। मैं जल्दी स्कूल पहुँचा।
मैं जल्दी स्कूल पहुँचा क्योंकि आज परीक्षा है।
आज परीक्षा है इसलिए मैं जल्दी स्कूल पहुँचा।

3. कमला जल्दी चली। उसे गाड़ी नहीं मिली थी।
कमला जल्दी चली क्योंकि उसे गाड़ी नहीं मिली थी।
कमला को गाड़ी नहीं मिली थी इसलिए वह जल्दी चली।

4. सबेरे पानी बरसा था। आज गर्मी कम है।
आज गर्मी कम है क्योंकि आज पानी बरसा था।
सबेरे पानी बरसा था इसलिए आज गर्मी कम है।

5. नदी में पानी भरा। कल भारी वर्षा थी।
नदी में पानी भरा क्योंकि कल भारी वर्षा थी।
कल भारी वर्षा थी इसलिए नदी में पानी भरा।

6. कपड़ा सुंदर है। संजय को पसंद आया।
संजय को पसंद आया क्योंकि कपड़ा सुंदर है।
कपड़ा सुंदर है इसलिए संजय को पसंद आया।


7. परीक्षा आसान थी। छात्र बहुत प्रसन्न थे।
छात्र बहुत प्रसन्न थे क्योंकि परीक्षा आसान थी।
परीक्षा आसान थी इसलिए छात्र बहुत प्रसन्न थे।

8. फूल में शहद है। तितली शहद पीने आई।
तितली शहद पीने आई क्योंकि फूल में शहद है।
फूल में शहद है इसलिए तितली शहद पीने आई।

9. घना जंगल था। मैं डर गया।
मैं डर गया क्योंकि घन जंगल था।
घना जंगल था इसलिए मैं डर गया।

10. मैं होटल नहीं गया। मेरे पास पैसे नहीं थे।
मैं होटल नहीं गया क्योंकि मेरे पास पैसे नहीं थे।
मेरे पास पैसे नहीं थे इसलिए मैं होटल नहीं गया।

Saturday, March 30, 2013

हिन्दी व्याकरण

जिस विद्या से किसी भाषा के बोलने तथा लिखने के नियमों की व्यवस्थित पद्धति का ज्ञान होता है, उसे 'व्याकरण' कहते हैं। व्याकरण वह विधा है, जिसके द्वारा किसी भाषा का शुद्ध बोलना या लिखना जाना जाता है। व्याकरण भाषा की व्यवस्था को बनाये रखने का काम करते हैं। व्याकरण, भाषा के शुद्ध एवं अशुद्ध प्रयोगों पर ध्यान देता है। प्रत्येक भाषा के अपने नियम होते हैं, उस भाषा का व्याकरण भाषा को शुद्ध लिखना व बोलना सिखाता है मनुष्य मौखिक एवं लिखित भाषा में अपने विचार प्रकट कर सकता है और करता रहा है किन्तु इससे भाषा का कोई निश्चित एवं शुद्ध स्वरूप स्थिर नहीं हो सकता। भाषा के शुद्ध और स्थायी रूप को निश्चित करने के लिए नियमबद्ध योजना की आवश्यकता होती है और उस नियमबद्ध योजना को हम व्याकरण कहते हैं। 
परिभाषा
व्याकरण वह शास्त्र है जिसके द्वारा किसी भी भाषा के शब्दों और वाक्यों के शुद्ध स्वरूपों एवं शुद्ध प्रयोगों का विशद ज्ञान कराया जाता है।
भाषा और व्याकरण का संबंध
कोई भी मनुष्य शुद्ध भाषा का पूर्ण ज्ञान व्याकरण के बिना प्राप्त नहीं कर सकता। अतः भाषा और व्याकरण का घनिष्ठ संबंध हैं वह भाषा में उच्चारण, शब्द-प्रयोग, वाक्य-गठन तथा अर्थों के प्रयोग के रूप को निश्चित करता है। व्याकरण के विभाग- व्याकरण के तीन अंग निर्धारित किये गये हैं-
  1. वर्ण विचार- इसमे वर्णों के उच्चारण, रूप, आकार, भेद आदि के सम्बन्ध में अध्ययन होता है।
  2. शब्द विचार- इसमें शब्दों के भेद, रूप, प्रयोगों तथा उत्पत्ति का अध्ययन किया जाता है।
  3. वाक्य विचार- इसमे वाक्य निर्माण, उनके प्रकार, उनके भेद, गठन, प्रयोग, विग्रह आदि पर विचार किया जाता है।

Tuesday, October 04, 2011

Monday, September 19, 2011

विस्मयादिबोधक अव्यय (interjections)

जिन शब्दों से शोक ,विस्मय ,घृणा ,आश्चर्य आदि भाव व्यक्त हों ,उन्हें विस्मयादि बोधक अव्यय कहा जाता हैजैसे - अरे ! तुम कब गए ,बाप रे बाप ! इतनी तेज आंधी ! वाह ! तुमने तो कमाल कर दिया आदि
विस्मयादि बोधक अव्यय का प्रयोग सदा वाक्य के आरम्भ में होता है इनके साथ विस्मयादिबोधक चिन्ह ! अवश्य लगाया जाता है .
मन के विभिन्न भावों के आधार पर विस्मयादिबोधक अव्यय के निम्नलिखित प्रमुख भेद है :- 

Tuesday, September 28, 2010

ने का नियम


कन्नूर से रवि जी ने एक नया संदेश भेज दिया है। ने के नियम पर बनाया संदेश का पी।डी।एफ। और प्रसन्टेशन डौनलोड्स पन्ने में।

Thursday, September 02, 2010

वाक्य पिरमिड

कन्नूर से श्री.रविजी(जी.एच.एस.एस.कडन्नप्पल्ली) ने कुछ प्रसन्टेशन तैयार करके हमें भेज दिया है।आपकेलिए धन्यवाद।पहला प्रसन्टेशन "वाक्य पिरमिड "हम आज प्रकाषित करते हैं।यकीन है यह प्रसन्टेशन कक्षाई प्रक्रियाओं केलिए सहायक होंगे।आपकी प्रतिक्रियाओं की प्रतीक्षा करते हैं।

इसका पी।डी।एफ।रूप डौनलोड्स पन्ने में












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