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NEWS FLASH ***

Wednesday, May 27, 2026

पेड़

 कविता का आशय
    यह कविता बहुत सुंदर है। इसमें कवि ने पेड़ की तुलना एक 'दर्जी' (tailor) से की है। जैसे दर्जी कपड़ों को जोड़कर कुछ नया बनाता है, वैसे ही पेड़ प्रकृति के तत्वों को जोड़ता है। पेड़ पक्षियों के लिए घोंसले 'सिलता' है। जब वह धूप को अपनी टहनियों से रोकता है, तो ज़मीन पर 'छाया की कतरनें' बिखर जाती हैं। पेड़ मिट्‍टी से रंग लेकर फूलों में भरता है और आम व जामुन जैसे फलों में उनका विशेष स्वाद 'सिल' देता है। वह हवा, पानी और मिट्टी को एक साथ जोड़कर प्रकृति को नया रूप और तराश देता है।
    संक्षेप में, पेड़ केवल एक पौधा नहीं, बल्कि प्रकृति का वह कलाकार है जो जीवन के अलग-अलग रंगों और स्वादों को एक साथ पिरोता है।


ഇത് വളരെ മനോഹരമായ ഒരു കവിതയാണ്. കവി  മരത്തെ ഒരു 'തയ്യൽക്കാരനോട്' ഉപമിക്കുന്നു. തയ്യൽക്കാരൻ തുണിക്കഷണങ്ങൾ തുന്നിച്ചേർത്ത് പുതിയ എന്തെങ്കിലും സൃഷ്ടിക്കുന്നതുപോലെ, ഒരു മരം പ്രകൃതിയുടെ ഘടകങ്ങളെ ഒരുമിച്ച് നെയ്തെടുക്കുന്നു. പക്ഷികൾക്കായി മരം കൂടുകൾ 'തുന്നിച്ചേർക്കുന്നു'. മരത്തിന്റെ ശാഖകളിലൂടെ സൂര്യപ്രകാശം അരിച്ചിറങ്ങുമ്പോൾ, 'തണലിന്റെ കഷ്ണങ്ങൾ' നിലത്ത് ചിതറിവീഴുന്നു. മരം മണ്ണിൽ നിന്ന് നിറങ്ങൾ വലിച്ചെടുത്ത് പൂക്കളിൽ നിറയ്ക്കുന്നു, മാമ്പഴം, ഞാവൽ തുടങ്ങിയ പഴങ്ങളിൽ അവയുടെ സവിശേഷമായ സുഗന്ധങ്ങൾ 'തുന്നിച്ചേർക്കുന്നു'. വായു, വെള്ളം, മണ്ണ് എന്നിവയെ ഒരുമിച്ച് നെയ്തെടുത്തുകൊണ്ട്, അത് പ്രകൃതിക്ക് ഒരു പുതിയ രൂപവും രൂപവും നൽകുന്നു. ചുരുക്കത്തിൽ, ഒരു വൃക്ഷം ജീവിതത്തിന്റെ വൈവിധ്യമാർന്ന നിറങ്ങളും സുഗന്ധങ്ങളും ഒരുമിച്ച് നെയ്തെടുക്കുന്ന പ്രകൃതിയുടെ കലാകാരനാണ്.
कठिन शब्दों के अर्थ 
दर्जी: कपड़े सिलने वाला। തയ്യൽക്കാരൻ, Tailor
कविता में पेड़ को दर्जी कहा गया है क्योंकि वह प्रकृति के अलग-अलग तत्वों को जोड़कर नई रचनाएँ करता है।
कतरन-कतरन: कपड़ों के छोटे कटे हुए टुकड़े। ചെറിയ കഷണങ്ങൾ, small pieces
जब पेड़ धूप को रोकता है, तो ज़मीन पर पड़ने वाली परछाई को 'छाया की कतरन' कहा गया है।
तराश: निखारना या किसी चीज़ को सुंदर आकार देना। രൂപപ്പെടുത്തുക, to carve
पेड़ मिट्टी, रंग, हवा और पानी को आपस में जोड़कर प्रकृति को एक सुंदर रूप देता है।
महक: खुशबू या सुगंध। സുഗന്ധം, fragrance (fragrance is a pleasant, sweet scent derived from natural or synthetic compounds)
कविता के अनुसार, पेड़ रंगों और महक (खुशबू) को एक साथ पिरोने या सिलने का काम करता है।
पशमीने: एक प्रकार का बहुत ही कोमल, कीमती और बारीक ऊनी कपड़ा। പട്ട് , wool
यहाँ फूलों की अत्यधिक कोमलता की तुलना 'पशमीने' से की गई है।
स्वाद: ज़ायका। സ്വാദ്, taste
कवि का भाव है कि पेड़ ने ही आम और जामुन जैसे अलग-अलग फलों में उनके विशेष स्वाद को 'सिला' या भरा है।
विश्‍लेषणात्मक प्रश्‍न (Analytical Questions)
1. 'धूप सिली तो बिखर गई कतरन-कतरन छायाएँ' - इससे क्या दृश्य उभर आता है?
यह दृश्य बताता है कि प्रकृति की छाया और धूप भी पेड़ की रचना का हिस्सा हैं - जैसे दर्जी कपड़े की कतरनों से डिजाइन बनाता है, वैसे ही पेड़ धूप-छाया के सुंदर टुकड़े बना देता है।
2. 'मिट्‍टी-रंग, हवा-पानी को जोड़ा, दिया तराश'- इसका तात्पर्य क्या है?
पेड़ केवल खड़े रहने वाले जीव नहीं हैं, बल्कि वे प्रकृति के तत्वों को जोड़कर जीवन और सौंदर्य की सुंदर रचना करते हैं -जैसे एक कुशल दर्जी सब चीजें जोड़कर कुछ नया और सुंदर कपड़ा बना देता है।
3. 'रंग महक की हुई सिलाई'- इसका मतलब क्या है?
इसका अर्थ यह है कि पेड़ ने अपनी रचनात्मकता से रंगों और खुशबुओं को आपस में जोड़कर (सिलकर) सुंदर और सुगंधित फूलों का सृजन किया है।
4. 'स्वाद सिले हैं वन के पेड़ में वन के'- इसका मतलब क्या है?
इन पंक्‍तियों का भाव यह है कि पेड़ रूपी दर्जी इतना कुशल है कि वह स्थान और स्वभाव के अनुसार हर चीज़ में उसका असली और प्राकृतिक गुण पिरो देता है। वह बगीचे के पेड़ को बगीचे जैसा और जंगल के पेड़ को जंगल जैसा अनूठा बनाता है।

Wednesday, July 23, 2025

Hindi Typing ന് പുതിയ കീബോർഡ് ലേ ഔട്ട്


ഉബുണ്ടു 22.04 ഓപ്പറേറ്റിംഗ് സിസ്റ്റത്തിൽ ഹിന്ദി ടൈപ്പ് ചെയ്യുന്നതിനായി devanagari – inscript – keyboard layout (Indian) ആണ് ഉപയോഗിക്കാറുള്ളത്. എന്നാൽ പല ചിഹ്നങ്ങളും (punctuation marks) ഹിന്ദിയിൽ ടൈപ്പ് ചെയ്യുന്നതിന് keyboard layout ഇംഗ്ലീഷിലേക്ക് ഷിഫ്റ്റ് ചെയ്യേണ്ടതായി വരാറുണ്ട്. എങ്കിൽ മാത്രമേ ? ! ‘ ’ “ ” ; : മുതലായ ചിഹ്നങ്ങൾ ലഭ്യമായിരുന്നുള്ളൂ. എന്നാലും ഫോണ്ടുകൾ തമ്മിൽ ഐകരൂപ്യവുമില്ലാതിരിക്കുന്നതുകൊണ്ട് പലപ്പോഴും ഇത് ടെക്സ്റ്റിന്റെ ഭംഗിയെ സാരമായി ബാധിക്കാറുമുണ്ട്.

Wednesday, July 09, 2025

खिड़की कहानी का कोमिक स्ट्रिप वीड़ियो

പത്താം ക്ലാസ്സ് ഹിന്ദി പാഠപുസ്തകത്തിലെ खड़की कहानी അടിസ്ഥാനമായുള്ള ഒരു കോമിക് സ്ട്രിപ്പ് വീഡിയോ ആണിത്.കാണാനും വായിക്കാനുമുള്ള അവസരം ഇതിലുണ്ട്. അഭിപ്രായങ്ങൾക്കും നി‌ർദ്ദേശങ്ങൾക്കും സ്വാഗതം

Friday, September 27, 2024

जब गाँधीजी की घडी चोरी चली गई - 09 (कुछ अन्य प्रोक्‍तिपरक प्रश्‍न-3)

कल्पना कीजिए कि आप वायसरॉय माउण्टबेटन हैं। इस मुलाकात के बाद आप अपने मित्र को इस घटना के बारे में पत्र लिख रहे हैं। पत्र लिखें।

स्थान ............ 
तारीख ........... 
प्रिय मित्र, 
    कैसे हो? बहुत दिनों से सोच रहा हूँ कि तुम्हें एक पत्र लिखूँ। आज ही अवकाश मिला।    

    
    हाल ही में मेरी मुलाकात गांधीजी से हुई। मैंने उन्हें चाय पर
बुलाया था और हमारी मुलाकात बड़े ही दिलचस्प तरीके से हुई।
जब वे आए, तो हमने उनके लिए खास तैयारियाँ की थीं। कमरे को ठंडा करने के लिए हमने कूलर चलाया, लेकिन गांधीजी को ठंड लगने लगी और उन्होंने कूलर बंद करने को कहा। वे इतने सादगी पसंद हैं कि नाश्ते में कुछ भी नहीं लिया। उन्होंने अपना नाश्ता खुद लाया था, बस थोड़ा-सा दही।

    
    हमने राजनीति पर बात करने की कोशिश की
, लेकिन अपनी घड़ी खोने की बात से वे परेशान थे। उनकी सरलता और सादगी देखकर मुझे समझ आया कि वे अपने तरीके से बड़ा संदेश दे रहे थे। यह मुलाकात मेरे लिए एक अलग अनुभव था।

      आशा है, आप ज़रूर जवाब देंगे, 
 तुम्हारा, 
 माउण्टबेटन 
सेवा में 
    नाम, 
    पता।

Tuesday, September 24, 2024

जब गाँधीजी की घडी चोरी चली गई - 08 (कुछ अन्य प्रोक्‍तिपरक प्रश्‍न-2)

एक पत्रकार के रूप में आप गांधीजी की वायसरॉय माउण्टबेटन से मुलाकात का समाचार लिख रहे हैं। समाचार लिखें। 



गांधीजी की वायसरॉय माउण्टबेटन से मुलाकात : सादगी और सच्चाई का परिचय 
नई दिल्‍ली : आज वायसरॉय लॉर्ड माउण्टबेटन और महात्मा गांधी के बीच वायसरॉय भवन में ऐतिहासिक मुलाकात हुई। जहाँ वायसरॉय और उनकी पत्नी ने बड़े भव्यता से इस मुलाकात की तैयारियाँ की थीं, वहीं गांधीजी की सादगी ने एक बार फिर सभी को प्रभावित किया। बैठक के दौरान गांधीजी को कमरे की ठंडक असहज लगी, जिससे उन्हें रूम कूलर बंद करने का अनुरोध करना पड़ा। मुलाकात के दौरान गांधीजी अपनी चोरी हुई घड़ी को लेकर चिंतित दिखे। जब नाश्ते का समय आया, तो गांधीजी ने अपना स्वयं का नाश्ता निकाला, जो बकरी के दूध का दही था। गांधीजी की इस सादगी भरी मुलाकात ने सभी को यह संदेश दिया कि वे सादगी और सत्य के प्रतीक हैं।


Sunday, September 22, 2024

जब गाँधीजी की घडी चोरी चली गई - 07 (कुछ अन्य प्रोक्‍तिपरक प्रश्‍न-1)

कल्पना कीजिए कि आप गांधीजी के सचिव हैं और आपको उनके वायसरॉय लॉर्ड माउण्टबेटन के साथ मुलाकात के बारे में अपनी डायरी में लिखना है। अपनी डायरी में इस मुलाकात के बारे में लिखें। 

15 अगस्त, 1947 

आज गांधीजी की वायसरॉय लॉर्ड माउण्टबेटन से मुलाकात हुई। वायसरॉय भवन में उनकी चाय पार्टी के लिए बहुत तैयारियाँ की गई थीं। लेकिन गांधीजी हमेशा की तरह अपनी सादगी के साथ वहाँ पहुँचे। जैसे ही उन्होंने कमरे में प्रवेश किया, उन्हें ठंड लगी और उन्होंने तुरंत रूम कूलर बंद करने के लिए कहा। 
    मुलाकात के दौरान, गांधीजी अपनी खोई हुई घड़ी के बारे में सोचते रहे, जिससे उनका ध्यान वायसरॉय की बातों पर नहीं था। जब चाय के लिए कहा गया, तो गांधीजी ने अपना लाया हुआ नाश्ता निकाला, जिसमें बकरी के दूध से बना दही था। वायसरॉय और उनकी पत्नी को गांधीजी की सादगी देखकर आश्‍चर्य हुआ। 
    यह मुलाकात यह दिखाती है कि गांधीजी हमेशा सरल और सच्‍चे जीवन को महत्व देते थे, चाहे स्थिति कुछ भी हो।

Tuesday, September 17, 2024

जब गाँधीजी की घडी चोरी चली गई - 06

गांधीजी की चाय पार्टी की तैयारियों के बारे में लेडी माउण्टबेटन और लॉर्ड माउण्टबेटन के बीच की संभावित बातचीत तैयार करें।



लेडी माउंटबेटन : लॉर्ड माउण्टबेटन, गांधीजी के लिए चाय पार्टी की तैयारियाँ करनी हैं। 

क्या आप जानते हैं, उन्हें चाय पसंद है या दूध?


लॉर्ड माउंटबेटन : मुझे यकीन नहीं है। लेकिन हमें दोनों का इंतजाम करना चाहिए, ताकि 

कोई दिक्कत न हो।


लेडी माउंटबेटन : ठीक है। क्या हम उनके लिए विशेष मेज़-कुर्सी की व्यवस्था करें, या वे 

फर्श पर बैठना पसंद करेंगे?


लॉर्ड माउंटबेटन : गांधीजी सादगी पसंद करते हैं, शायद वे फर्श पर बैठना चाहें। हमें दोनों 

विकल्प तैयार रखने चाहिए।


लेडी माउंटबेटन : सही कहा। क्या रसोइए के बारे में कुछ खास ध्यान रखना होगा? वे 

शाकाहारी हैं, है ना?


लॉर्ड माउंटबेटन : हाँ, वे शाकाहारी हैं। हमें सुनिश्चित करना होगा कि उनके लिए विशेष 

रूप से शुद्ध शाकाहारी भोजन तैयार हो।


लेडी माउंटबेटन : मैं सोच रही हूँ, क्या हमें उनसे उपवास के बारे में पूछना चाहिए? कहीं 

ऐसा न हो कि उस दिन उनका उपवास हो।


लॉर्ड माउंटबेटन : हाँ, यह महत्वपूर्ण है। हमें यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि वे अपनी 

पसंद का खाना लाएँ, अगर वे चाहें तो।


लेडी माउण्टबेटन : बिल्कुल। मैं सारी तैयारियों का ध्यान रखूंगी, ताकि गांधीजी को कोई 

असुविधा न हो।

जब गाँधीजी की घडी चोरी चली गई - 05

 

रेखांकित प्रयोगों पर ध्यान दें, और नए वाक्य बनाएँ।


() रोमांचक मैच के बीच अचानक विराट के विकेट गिरने से सारा मज़ा किरकिरा हो 

गया। (आनंद में बाधा उत्पन्न होना - സന്തോഷം ഇല്ലാതാക്കുക)



01. पिकनिक पर बारिश शुरू हो गई, और सारा मज़ा किरकिरा हो गया।


02. केक गिरने से जन्मदिन का मज़ा किरकिरा हो गया।


03. फिल्म के बीच में बिजली चली गई, और सबका मज़ा किरकिरा हो गया।


04. लड्‍डू में नमक ज्यादा हो गया, तो खाने का मज़ा किरकिरा हो गया।


05. अचानक फोन बजने से पढ़ाई का मज़ा किरकिरा हो गया।


() कोई भी संजू से कुछ मत कहिएगा, वह ढोल पीट देगा। (घोषणा करना -ഉറക്കെ 

വിളിച്ചു പറയുക, വെളിപ്പെടുത്തുക)



01. राजु को गुप्त बात मत बताना, वह सबके सामने ढोल पीट देगा।


02. रिया को सरप्राइज मत बताना, वह ढोल पीट देगी।


03. अगर तुमने उसे ये राज़ बताया, तो वह ढोल पीट देगा।


04. भैया से कुछ छुपाकर रखो, वरना वह ढोल पीट देगा।


05. मीरा से झगड़े की बात मत कहो, वह पूरे मोहल्‍ले में ढोल पीट देगी।

जब गाँधीजी की घडी चोरी चली गई - 04

1. पठित लेख के आधार पर लिखें।

लेख के आधार पर गांधीजी का व्यवहार

लेखक की व्याख्या

वायसरॉय के साथ की चर्चा के समय अनमनापन दिखाना।

जब गांधीजी वायसरॉय माउण्टबेटन से बात कर रहे थे, तो उनका ध्यान बार-बार अपनी खोई हुई घड़ी पर जा रहा था, जिससे वे बातचीत में कम रुचि दिखा रहे थे। इसके पीछे उनका उद्‍देश्य यह दिखाना था कि ब्रिटिश शासन में चीजें भी सुरक्षित नहीं हैं, और एक छोटी-सी घड़ी की चोरी भी हो सकती है। गांधीजी का यह व्यवहार ब्रिटिश शासन पर अविश्‍वास और असंतोष का संकेत था, और वे यह बताना चाहते थे कि उनके लिए व्यक्‍तिगत और नैतिक मूल्यों का अधिक महत्व है।

अपना नाश्ता खुद लाना।

गांधीजी का वायसरॉय की चाय पार्टी में अपना नाश्ता साथ लाना उनकी सादगी और आत्मनिर्भरता का प्रतीक था। इससे उन्होंने दिखाया कि वे भव्यता और औपचारिकता से दूर रहते हैं। गांधीजी ने जो नाश्ता लाया, वह साधारण बकरी का दूध और दही था, जो भारत की गरीब जनता के आहार का हिस्सा है। इससे उन्होंने यह संदेश दिया कि वे उन चीजों पर निर्भर हैं जो उनकी मेहनत से हासिल होती हैं, जबकि ब्रिटिश साम्राज्य दूसरों की लूट पर आधारित है।



जब गाँधीजी की घडी चोरी चली गई - 03

सही या गलत कहें।
1. गांधीजी ने वायसरॉय की चाय पार्टी में चाय पी थी।
उत्‍तर: गलत
2. वायसरॉय लॉर्ड माउण्टबेटन ने गांधीजी के आने पर रूम कूलर चलवाया था।
उत्‍तर: सही

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