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Sunday, June 05, 2016

विश्व पर्यावरण दिवस

पर्यावरण दिवस

विश्व पर्यावरण दिवस को पर्यावरण दिवस और ईको दिवस के नाम भी जाता है। ये वर्षों से एक बड़े वार्षिक उत्सवों में से एक है जो हर वर्ष 5 जून को अनोखे और जीवन का पालन-पोषण करने वाली प्रकृति को सुरक्षित रखने के लक्ष्य के लिये लोगों द्वारा पूरे विश्व भर में मनाया जाता है।

विश्व पर्यावरण दिवस से जुड़े एक्टिविटी (क्रिया-कलाप)

उत्सव की ओर और अधिक लोगों को प्रोत्साहित करने के लिये अलग-अलग देशों में इस महान कार्यक्रम को मनाने के लिये विभिन्न प्रकार के क्रियाकलापों की योजना बनायी जाती है। सभी पर्यावरण से संबंधित मुद्दों को सुलझाने के लिये पर्यावरण की ओर सकारात्मक बदलाव और प्रभाव लाने के लिये विभिन्न खबरिया चैनल समाचार प्रकाशन के द्वारा आम लोगों के बीच उत्सव के बारे में संदेश फैलाने और खबर को देने के लिये उत्सव में पूरी सक्रियता से भाग लेते हैं। अंतर लाने के लिये साथ ही पर्यावरणीय मुद्दों के व्यापक पहुँच की ओर लोगों का ध्यान खींचने के लिये परेड और बहुत सारी गतिविधियाँ, अपने आसपास के क्षेत्रों को साफ करना, गंदगी का पुनर्चक्रण करना, पेड़ लगाना, सड़क रैलियों सहित कुछ राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के क्रिया-कलाप शामिल हैं।

प्रकृति के द्वारा उपहार स्वरुप दिये गये वास्तविक रुप में अपने ग्रह को बचाने के लिये उत्सव के दौरान सभी आयु वर्ग के लोग सक्रियता से शामिल होते हैं। बहुत सारी गतिविधियों के द्वारा जैसे स्वच्छता अभियान, कला प्रदर्शनी, पेड़ लगाने के लिये लोगों को प्रोत्साहित करना, नृत्य क्रियाकलाप, कूड़े का पुनर्चक्रण, फिल्म महोत्सव, सामुदायिक कार्यक्रम, निबंध लेखन, पोस्टर प्रतियोगिया, सोशल मीडिया अभियान और भी बहुत सारे उत्सव में खासतौर से आज के दौर के युवा बड़ी संख्या में भाग लेते हैं। अपने पर्यावरण की सुरक्षा की ओर विद्यार्थीयों को प्रोत्साहित करने के लिये स्कूल, कॉलेज और दूसरे शैक्षणिक संस्थानों में भी बहुत सारे जागरुकता अभियान चलाए जा रहें हैं। ऐसे पर्यावरणीय मुद्दों को सुलझाने के लिये क्या कदम उठाने चाहिये उन्हें जानने देने के साथ ही पर्यावरण के गिरते स्तर के वास्तविक कारण के बारे में आम जनता को जागरुक करने के लिये सार्वजनिक जगहों में विभिन्न कार्यक्रमों को आयोजित करने के द्वारा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्सव मनाया जाता है।

विश्व पर्यावरण दिवस का थीम और नारे

वैश्विक स्तर पर पर्यावरणीय मुद्दों को बताने में बड़ी संख्या में भाग लेने के लिये पूरे विश्वभर में बड़ी संख्या में लोगों को बढ़ावा देने के द्वारा उत्सव को ज्यादा असरदार बनाने के लिये संयुक्त राष्ट्र के द्वारा निर्धारित खास थीम पर हर वर्ष का विश्व पर्यावरण दिवस उत्सव आधारित होता है।
विभिन्न वर्षों के आधार पर दिये गये थीम और नारे यहाँ सूचीबद्ध है:
  • वर्ष 2016 का थीम है "दुनिया को एक बेहतर जगह बनाने के लिए दौड़ में शामिल हों"
  • वर्ष 2015 का थीम था “एक विश्व, एक पर्यावरण।”
  • वर्ष 2014 का थीम था “छोटे द्वीप विकसित राज्य होते है” या “एसआइडीएस” और “अपनी आवाज उठाओ, ना कि समुद्र स्तर।”
  • वर्ष 2013 का थीम था “सोचो, खाओ, बचाओ” और नारा था “अपने फूडप्रिंट को घटाओ।”
  • वर्ष 2012 का थीम था “हरित अर्थव्यवस्था: क्यो इसने आपको शामिल किया है?”
  • वर्ष 2011 का थीम था “जंगल: प्रकृति आपकी सेवा में।”
  • वर्ष 2010 का थीम था “बहुत सारी प्रजाति। एक ग्रह। एक भविष्य।”
  • वर्ष 2009 का थीम था “आपके ग्रह को आपकी जरुरत है- जलवायु परिवर्तन का विरोध करने के लिये एक होना।”
  • वर्ष 2008 का थीम था “CO2, आदत को लात मारो- एक निम्न कार्बन अर्थव्यवस्था की ओर।”
  • वर्ष 2007 का थीम था “बर्फ का पिघलना- एक गंभीर विषय है?”
  • वर्ष 2006 का थीम था “रेगिस्तान और मरुस्थलीकरण” और नारा था “शुष्क भूमि पर रेगिस्तान मत बनाओ।”
  • वर्ष 2005 का थीम था “हरित शहर” और नारा था “ग्रह के लिये योजना बनाये।”
  • वर्ष 2004 का थीम था “चाहते हैं! समुद्र और महासागर” और नारा था “मृत्यु या जीवित?”
  • वर्ष 2003 का थीम था “जल” और नारा था “2 बिलीयन लोग इसके लिये मर रहें हैं।”
  • वर्ष 2002 का थीम था “पृथ्वी को एक मौका दो।”
  • वर्ष 2001 का थीम था “जीवन की वर्ल्ड वाइड वेब।”
  • वर्ष 2000 का थीम था “पर्यावरण शताब्दी” और नारा था “काम करने का समय।”
  • वर्ष 1999 का थीम था “हमारी पृथ्वी- हमारा भविष्य” और नारा था “इसे बचायें।”
  • वर्ष 1998 का थीम था “पृथ्वी पर जीवन के लिये” और नारा था “अपने सागर को बचायें।”
  • वर्ष 1997 का थीम था “पृथ्वी पर जीवन के लिये।”
  • वर्ष 1996 का थीम था “हमारी पृथ्वी, हमारा आवास, हमारा घर।”
  • वर्ष 1995 का थीम था “हम लोग: वैश्विक पर्यावरण के लिये एक हो।”
  • वर्ष 1994 का थीम था “एक पृथ्वी एक परिवार।”
  • वर्ष 1993 का थीम था “गरीबी और पर्यावरण” और नारा था “दुष्चक्र को तोड़ो।”
  • वर्ष 1992 का थीम था “केवल एक पृथ्वी, ध्यान दें और बाँटें।”
  • वर्ष 1991 का थीम था “जलवायु परिवर्तन। वैश्विक सहयोग के लिये जरुरत।”
  • वर्ष 1990 का थीम था “बच्चे और पर्यावरण।”
  • वर्ष 1989 का थीम था “ग्लोबल वार्मिंग; ग्लोबल वार्मिंग।”
  • वर्ष 1988 का थीम था “जब लोग पर्यावरण को प्रथम स्थान पर रखेंगे, विकास अंत में आयेगा।”
  • वर्ष 1987 का थीम था “पर्यावरण और छत: एक छत से ज्यादा।”
  • वर्ष 1986 का थीम था “शांति के लिये एक पौधा।”
  • वर्ष 1985 का थीम था “युवा: जनसंख्या और पर्यावरण।”
  • वर्ष 1984 का थीम था “मरुस्थलीकरण।”
  • वर्ष 1983 का थीम था “खतरनाक गंदगी को निपटाना और प्रबंधन करना: एसिड की बारिश और ऊर्जा।”
  • वर्ष 1982 का थीम था “स्टॉकहोम (पर्यावरण चिंताओं का पुन:स्थापन) के 10 वर्ष बाद।”
  • वर्ष 1981 का थीम था “जमीन का पानी; मानव खाद्य श्रृंखला में जहरीला रसायन।”
  • वर्ष 1980 का थीम था “नये दशक के लिये एक नयी चुनौती: बिना विनाश के विकास।”
  • वर्ष 1979 का थीम था “हमारे बच्चों के लिये केवल एक भविष्य” और नारा था “बिना विनाश के विकास।”
  • वर्ष 1978 का थीम था “बिना विनाश के विकास।”
  • वर्ष 1977 का थीम था “ओजोन परत पर्यावरण चिंता; भूमि की हानि और मिट्टी का निम्निकरण।”
  • वर्ष 1976 का थीम था “जल: जीवन के लिये एक बड़ा स्रोत।”
  • वर्ष 1975 का थीम था “मानव समझौता।”
  • वर्ष 1974 का थीम था “ ’74’ के प्रदर्शन के दौरान केवल एक पृथ्वी।”
  • वर्ष 1973 का थीम था “केवल एक पृथ्वी।”

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